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 ‘‘पुलिस फोर्स के सदस्यों के लिए आचार संहिता-1965’’


        पुलिस विभाग के सभी सदस्य अपना प्रशिक्षण समाप्त होने के उपरांत संविधान और पुलिस आचरण संहिता की शपथ लेते है। अस्तु यह आवश्यक है कि हम पुलिस आचरण संहिता को जानें। सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और सी.पी.ओ. प्रमुखों को सम्बोधित गृह मन्त्रालय भारत सरकार द्वारा जारी पत्र संख्या-VI-24021/97/84&GPA.1 दिनांक 10.07.1985 के अनुसार-
1.पुलिस को भारतीय संविधान के प्रति पूर्ण निष्ठा रखनी चाहिए तथा उन्हें संविधान द्वारा नागरिकों को दिए अधिकारों को बनाए रखना है।
2.पुलिस को विधिवत रूप से अधिनियमित कानून के औचित्य या आवश्यकता पर संदेह नहीं करना चाहिए। उन्हें किसी प्रकार के भय या पक्षपात, वैमनस्रू यस बदले की भावना से मुक्त होकर दृढ़तापूर्वक निष्पक्ष होकर कानून लागू करना चाहिए।
3.पुलिस को अपनी शक्तियों तथा कर्तव्यों की सीमाओं को स्वीकार करके इनका आदर करना चाहिए। इन्हें व्यक्ति से बदला लने या अपराधी को दण्ड देने के प्रयोजनार्थ न्यायपालिका के कार्यो का हनन करते हुए स्वयं कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए।
4.कानून का पालन सुनिश्चित करते समय या व्यवस्था कायम रखते हुए पुलिस को यथासम्भव व्यावहारिक रूप से समझाने-बुझाने के तरीके अपना कर सलाह या चेतावनी देनी चाहिए। जब बल प्रयोग अपरिहार्य हो, केवल तभी, परिस्थितियों के अनुरूप न्यूनतम बल प्रयोग करना चाहिए।
5.पुलिस का प्रमुख कर्तव्य अपराध तथा अव्यवस्था को रोकना है। पुलिस को यह स्वीकार करना चाहिए कि अपराध तथा अव्यवस्था की अनुपस्थिति ही उनकी क्षमता और दक्षता का परिचायक है, न कि इनसे निपटते समय पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही का प्रयत्क्ष प्रमाण होने पर ही उनकी दक्षता का पता चलेगा।
6.पुलिस को यह जान लेना चाहिए कि वे भी जन साधारण के ही अंग है। अन्तर केवल इतना है कि समाज के हित में और समाज की ओर से उन्हें पूरे समय ऐसे कर्तव्यों पर ध्यान देने के लिए तैनात किया गया है, जिनका निर्वहन सामान्यतः प्रत्येक नागरिक को करना चाहिए।
7.पुलिस को यह महसूस करना चाहिए कि उनके द्वारा सक्षम रूप से कार्य निष्पादन जनता से प्राप्त सहयोग पर आधारित है यह सहयोग पुलिस कर्मियों के आचरण और गतिविधियों के प्रति जनता का आदर और विश्वास प्राप्त करने पर मिलता है।
8.पुलिस को हमेशा जन कल्याण का ध्यान रखना चाहिए तथा उनके प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाना चाहिए। उन्हें व्यक्ति की धन-सम्पत्ति या सामाजिक हैसियत पर ध्यान दिए बिना सेवा करनी चाहिए। उनके साथ मैत्री पूर्ण व्यवहार करना चाहिए तथा आवश्यक सहायता देनी चाहिए।
9.पुलिस का हमेशा आत्महित से बढ़ कर अपनी ड्यटी का ध्यान रखना चाहिए और चाहे कोई, उनका मजाक उड़ा रहा हो या उनका कोई तिरस्कार कर रहा हो, उन्हें शांत होकर अपनी ड्यूटी निभानी चाहिए तथा दूसरों की रक्षा की खातिर अपने प्राण न्यौछावर करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
10.उन्हें शालीन व्यवहार करना चाहिए। उन्हें निष्पक्ष होकर कार्य करना चाहिए तथा लोगों को उन पर भरोसा होना चाहिए। उनमें आत्म गौरव होने के साथ-साथ उनमें साहस जैसे गुण हों। उन्हें चरित्रवान हाने के साथ-साथ लोगों का विश्वास जीतना चाहिए।
11.उच्चतम श्रेणी की निष्ठा, पुलिस की प्रतिष्ठा का मूलभूत आधार है, इसको समझते हुए पुलिस को अपने व्यक्तिगत तथा शासकीय दोनों ही स्तरों पर आत्म संयम विकसित करना चाहिए। विचार एवं कार्य में सत्यनिष्ठ एवं ईमानदार रहना चाहिए जिससे जनता उन्हें इनुकरणीय नागरिक समझ सके।
12.पुलिस को यह समझना चाहिए कि वह केवल अनुशासन का उच्चतर स्तर, वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति अक्षुण्ण आज्ञाकारिता तथा पुलिस बल के प्रति अपनी अपयोगिता बढ़ा सकती है।  
13.धर्म निरपेक्ष प्रजातन्त्र राज्य का सदस्य होने के नाते पुलिस को वैयक्तिक पूर्वाग्रहों से ऊपर उठने का लगातार प्रयास करते रहना चाहिए और धर्म, भाषा और क्षेत्रीय या जातीय भिन्नताओं से हटकर भारत के सभी लोगों में मैत्री भाव और सामान्य भईचारे की भावना को बढ़ावा देना चाहिए। महिलाओं और समाज के पिछड़े हुए वर्गों के प्रति अनादर की प्रथा को समाप्त करना चाहिए।


       
मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम - 1965
पुलिस विभाग पर पुलिस आचरण संहिता के अलावा म.प्र. शासन द्वारा अपने कर्मचारियों के लिये जारी आचरण नियम भी लागू होते हैं। इनका उल्लंघन करने पर विभागीय जाॅच और कड़ी दंडात्मक कार्यवाही का प्रावधान है। संक्षेप में वे निम्नानुसार हैं।
1.किन पर लागू-
म.प्र. के सिविल सेवकों पर
कार्यभारित तथा आकस्मिक व्यय से वेतन पाने पाले कर्मवारियों पर।
वायत्त संस्थाओं पर भी लागू।
पर लागू नहीं-
1.आॅल इंडिया सर्विसेस।
2.जिनके लिये राज्यपाल आदेश जारी करें।
2. शासकीय सेवकों से अपेक्षा है कि-
1.प्रत्येक शासकीय सेपक सदैव ही-
पूर्ण रूप से संनिष्ठ रहें।
कर्तव्यपरायण रहें।
अशोभनीय कार्य ना करें।
पदीय कर्तव्यों के पालन में अशिष्ट कार्य ना करें।
विलंबकारी नीति ना अपनायें।
अनुशासनहीनता ना करें।
आवंटित शासकीय आपास को किराये या पट्टे पर न दे।
2.समस्त समयों पर शासन की नीतियों का पालन करे-
विवाह की आयु का, पर्यावरण संरक्षण का, वन्यजीव सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण संबंधी शासकीय तीतियों का
महिलाओं के विरूद्ध अपराध निवारण संबंधी शासन की नीतियों का।
केंद्र और राज्य शासन की परिवार कल्याण संबंधी नीतियों का।
     3. कामकाजी महिलाओं के कार्यस्थल पर यौन शोषण पर रोक।
     4. महिलाओं के विरूद्ध कृत्यों की शिकायतों की जांच।
     5. राजनीति और निर्वाचन में भाग लेने की मनाही।
     6. प्रदर्शन अथवा हड़ताल में भाग लेना।
     7. शासकीय सेपकों द्वारा अपने हित में शासकीय दस्तावेजों का उपयोग की मनाही।
     8. जानकारी देना (सूचना का अधिकार)।
     9. अवकाश पर प्रस्थान बिना स्वीकृति के नहीं।
    10. शासन की आलोचना की मनाही।
    11. चंदा एकत्रित करने की मनाही।
    12. मादक पेयों और औषधियों का सेवन की मनाही- सेवन करके सार्वजनिक स्थान पर                    
       नहीं जायेंगे और अभ्यासगत अतिसेवन नहीं करेंगे।
    13. अल्पायु (14 वर्ष से कम) बच्चों को रोजगार में ना लेना।
    14. प्रेस व मीडिया से संबंधों में ध्यान देने योग्य बातें।
    15. दहेज लेने व देने की मनाही।
    16. द्विविवाह की मनाही-धर्म/जाति की छूट नहीं। पुरूष और महिला का हो तो प्रकाशन
       या प्रसारण।
    17. कृत्य जिनके लिये पूर्व स्वीकृति आवश्यक नहीं-
मताधिकार प्रयोग।
प्रसारण या लेख विशुद्ध साहित्यिक, कलात्मक या वैज्ञानिक प्रकृति का हो तो प्रकाशन या प्रसारण।
पदेन कर्तव्य के पालन में मीडिया से समक्ष आना।
शासन/विधायिका/विभाग द्वारा आदेशित जांच में कथन/साक्ष्य देना।
सामाजिक या चैरेटी कार्यक्रम में भाग लेना।
साहित्यिक, वैज्ञानिक या पूर्व सोसाइटी या क्लब आदि के रजिस्टेªशन, चलाने और प्रबंध में जिनका लक्ष्य-खेल/सांस्कृतिक/आमोद प्रमोद हो।
उपहार लेने पर नियंत्रण- स्वंय औश्र कुटुंब के सदस्यों या उनकी और से कार्य करने वालों पर भी लागू।
संपत्ति के लेनदेन की सूचना और अनुमति की अनिवार्यता है।
अचल संपत्ति विवरण वेबसाइट पर डाला जाना अनिवार्य है।


पुलिस सेवा की सामान्य शर्ते-(पैरा 64)
प्रत्येक पुलिस अधिकारी केवल पुलिस सेवा में ही अपना समय लगायेगा जब तक कि, उसे ऐसा करने की व्यक्तिगत रूप से अनुमति न दे दी गई हो।  वह किसी भी  प्रकार के व्यापार या व्यवसाय में भाग नहीं लेगा ।
वह पुलिस अधिकारी के रूप में अपने समस्त कर्तव्य को पूरा करने के लिये निष्ठा पूर्वक तथा ईमानदारी से अपनी सर्वोत्तम योग्यता का उपयोग करेगा ।
वह अपने आप  को समस्त नियमों के आशयों के अनुरूप रखेगा, जो कि सेवा की उचित व्यवस्था के विनियमन के लिये समय≤ पर बनाये जाये और पद की प्रतिष्ठा और मर्यादा को ध्यान में रखने की आदत डालेगा ।
वह अनुशासन के अधीन रहेगा, अधीनस्थता का ध्यान रखेगा और समस्त विधि संगत आदेशों का पालन करेगा ।
वह वहीं सेवा और निवास करेगा, जहां कि उसको सेवा और निवास करने के लिये निर्देशित किया जाये ।
जब वह कार्य भार पर हो तब ऐसी वर्दी और साज सज्जा धारण करेगा जैसे कि समय≤ पर सेवा की विभिन्न श्रेणियों के लिये आपेक्षित किया जाये और सदैव अपने स्वरूप में स्वच्छ एवं स्पष्ट रहेगा । पुलिस अधिकारी किसी भी समय  आंशिक वर्दी में नहीं रहेगा ।
अपने वेतन और भत्ते में ऐसी कटौतियां  की जाने की अनुमति देगा जो कि सज्जा निवास गृह तथा अन्य इसी प्रकार के लिये सेवा नियमों के अंर्तगत  आपेक्षित हो ।
वह ऐसे समस्त ऋण का शोधन कर देगा जैसा कि पवुलिस अधीक्षक निर्देशित करें तथा बिना पुलिस अधीक्षक की स्वीकृति के किसी अन्य पुलिस अधिकारी से धन संबंधी व्यवहार नहीं करेगा और ना ही उस जिले के किसी निवासी से ऋण प्राप्त करेगा जिसमें वह सेवारत है ।
वह बिना लिखित विशेष अनुमति के सेवा का प्रत्याहरण  नहीं करेगा या ऐसी अनुमति के अभाव में वह स्वयं लिखित चेतावनी दो माह पूर्व दिये बिना सेवा नहीं छोड़ेगा ।
वह किसी भी अवसर पर किसी भी बहाने से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई भेंट पारितोषिक या शुल्क किसी भी व्यक्ति से बिना पुलिस अधीक्षक की स्वीकृति के नहीं लेगा या स्वीकार करेगा ।
वह सरकार के सभी अधिकारियों के साथ आदर व सम्ममान से और सभी श्रेणियों के निजी व्यक्तियों के साथ सहनशीलता दयालुता तथा  शिष्टता से कार्य करेगा । निजी जीवन में वह शांति पूर्ण व्यवहार का आदर्श प्रस्तुत करेगा तथा सभी प्रकार के पक्षपात से दूर रहेगा ।
नौकरी के न रहने पर वह तत्काल ही अपनी सज्जा वर्दी सौंप देगा तथा ऐसे निवास गृह को जो कि उसे सार्वजनिक सेवा के रूप में सौंपा गया है रिक्त कर देगा।


कानून-व्यवस्था एवं इंतजाम ड्यूटी के दौरान ध्यान रखें
1. अपने साथ बलवा ड्रिल सामग्री ले कर जायें।
2. साफ यूनीफाॅर्म व सिविल कपडे़, जूते लेकर जाऐं।
3. मच्छर रोधी दवा (क्रीम, लोशन) और अन्य दवायें साथ रखें।
4. वर्दी पहनेे हांे तो बिना कैप के ना रहें।
5. ड्यूटी के दौरान मोबाइल का प्रयोग ना करें।
6.  ड्यूटी के दौरान मोबाइल ईयर फोन ना लगाऐं।
7. ट्रेन बस की यात्रा में सहयात्रियों की सुविधा व सम्मान का ध्यान रखें।
8. साथ में गए सुपरवाइजरी आॅफीसर का सम्मान करें व उनके निर्देशों का अवश्य
   पालन करेें।
9. होटल में खाना खाने से बचें । अत्यंत आवश्यक होने पर ताजा भोजन करें यथा   
   संभव फलोें व सूखे मेवे का उपयोग करें।
10. शराब, बीडी, सिगरेट गुटका, भांग आदि का सेवन ना करें ।
11. ड्यूटी के दौरान ड्यूटी छोडकर चाय पीने ना चले जाएंे ।
12. ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित ना हों अन्यथा अत्यंत कड़ी कार्यवाही की जावेगी ।
13. राॅयट सामग्री को धारण करने का आदेश हो तो पूरी सामग्री धारण करें ।
14. जनता के साथ सभ्य व्यवहार करें ।
15. सांप्रदायिक, जातिगत भावना भडकाने या अफवाह फैलाने वालों का मोहरा ना
   बनें ।
16. सतर्क और सतजग रहकर ड्यूटी करें, स्थान पर अवलोकन कर अपने वरिष्ठ
    को सूचित करें ।
17. अपनी नोटबुक में महत्वपूर्ण जानकारी, आदेश, फोन नंबर नोट करके रखें ।
18. अच्छी यूनीफाॅर्म पहनेें लो वेस्ट, यूनीफाॅर्म, स्पोर्ट्स शूज, मंकी केप,  रंगीन चश्मा  
    जेवरों का उपयोग न करें ।
19. ध्यान रखें कि आप से ही पुलिस विभाग का सम्मान है ।
20. अस्वस्थ्य होने पर अपने वरिष्ठ अधिकारी को सूचित करें ।
 
नोटः- कानून-व्यवस्था एवं इंतजाम ड्यूटी की वापसी के समय सुपरवाइजर स्टाॅफ से आप लोगों के कार्य का फीड बैक लिया जाता है कोई शिकायत होने पर कार्यवाही संभव है ।  


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