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पुलिस अधीक्षक /संस्था प्रमुख का संदेश

पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर प्रदेश के सबसे पुराने पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है। स्वतंत्रता के पूर्व यह ‘‘भील पल्टन’’ का प्रशिक्षण केंद्र था। वर्ष 2012 में इसे ‘‘महाविद्यालय’’ घोषित किया गया । आरक्षक स्तर पर प्रदेश का यह एकमात्र और देश के कुछ चुनिंदा पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है, जिसमें महिलायें और पुरूष एक साथ और एक समान प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
इकाई में नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र के साथ-साथ जेल प्रहरी बुनियादी प्रशिक्षण, विधानसभा सुरक्षाकर्मियों का बुनियादी प्रशिक्षण, आबकारी आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण भी संचालित किये जाते है। इसके अतिरिक्त विभिन्न इन सर्विस कोर्स भी इकाई में संचालित किये जाते हैं, जैसेः- आरक्षक से प्रधान आरक्षक इन्डक्शन कोर्स, प्रधान आरक्षक से सहायक उप निरीक्षक इन्डक्शन कोर्स, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, जेंडर सेंसीटाइजेशन कार्यशाला, अंतर्राष्ट्रीय संगठन यूनिसेफ के सहयोग से चाइल्ड प्रोटेक्शन विषय पर कार्यशाला, वन विभाग टाइगर स्ट्राइकिंग फोर्स के कर्मियों हेतु शस्त्र चालन कोर्स आदि। बुनियादी प्र्रशिक्षण एवं इन सर्विस कोर्सेस के उपरांत प्रशिक्षुओं से फीडबैक भी प्राप्त किये जाते है। फीडबैक में प्राप्त सुझावों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।
पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण ISO 9001/2008 "Quality Management System" ISO 14001/2004 "Environment Management System",ISO 50001/2011 "Energy Conservation and Management" प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाला यह देश का एकमात्र पुलिस प्रशिक्षण संस्थान है। उक्त प्रमाण पत्र इकाई की उच्चस्तरीय कार्यक्षमता तथा उत्कृष्टता को प्रदर्शित करते है।
भारतीय डाक विभाग द्वारा पीटीसी का स्पेशल कवर जारी किया है, जो पुलिस विभाग के लिये अत्यंत ही गर्व एवं हर्ष का विषय हैं।
यहॉं यह विशेष उल्लेखनीय है कि दिनांक 16 दिसम्बर 2016 को बीपीआरएण्डडी, नई दिल्ली द्वारा देश में आरक्षक स्तर के प्रशिक्षण संस्थानों में से ‘‘पीटीसी, इंदौर’’ को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण संस्थान चुना जाकर माननीय केन्द्रीय गृह मंत्री द्वारा ट्राफी एवं 20 लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई । साथ ही पीटीसी, इंदौर को Project FIT-PC (Focused Improvement in Training of Police Constabulary) के क्षेत्र में FICCI SMART Policing Award 2017 भी प्राप्त हुआ है, जिससे पीटीसी, इंदौर में संचालित होने वाली प्रशिक्षण गतिविधियॉं/कार्यशैली की उत्कृष्टता झलकती है।
पीटीसी, इंदौर में प्रशिक्षुओं को शारीरिक एवं मानसिक रूप से देश सेवा हेतु तैयार करने के उद्देश्य से उन्हे कठोर आउटडोर एवं इंडोर प्रशिक्षण दिया जाता है। आउटडोर प्रशिक्षण के माध्यम से फील्ड ड्यूटी के लिये शारीरिक एवं मानसिक रूप से तैयार किया जाता है ताकि वे भविष्य में आने वाले कठिन चुनौतियों का निडर होकर सामना कर सके।

जंगल कैम्प नव आरक्षकों के प्रशिक्षण का एक अहम् हिस्सा हैं। जंगल कैम्प के माध्यम से प्रशिक्षुओं को यह सिखलाई दी जाती है कि यदि किसी प्रकार की विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ा तो उन परिस्थितियों से किस प्रकार बाहर आ सकेगें। इसी प्रकार प्रशिक्षुओं को यू.ए.सी. प्रशिक्षण प्रदाय किया जाता हैं, जिससे प्रशिक्षुओं को बिना हथियार के स्वयं की सुरक्षा किये जाने की सिखलाई दी जाती है एवं योगा के माध्यम से स्वस्थ एवं निरंतर ड्यूटी के दौरान भी उर्जावान बने रहने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इनडोर प्रशिक्षण में प्रशिक्षुओं को बौद्धिक क्षमता विकसित करने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व का विकास करते हुये उन्हें पूर्ण रूप से व्यवसायिक दक्षता के साथ-साथ देशभक्ति एवं जनसेवा हेतु तैयार किया जाता है।
इकाई में प्रशिक्षुओं नव आरक्षकों से प्रतिमाह सैनिक सम्मेलन के माध्यम से संवाद किया जाता है कि ताकि वह खुलकर अपनी समस्यायें/परेशानियों के संबंध में अवगत करा सके। साथ ही इकाई में सुझाव/शिकायत पेटी भी लगवाई गई ताकि यदि कोई प्रशिक्षु मौखिक रूप से अपनी समस्याओं से अवगत नहीं करा पा रहा है तो वह सुझाव/शिकायत पेटी के माध्यम से अपनी समस्याआ से अवगत करा सके। सुझाव/शिकायत पेटी प्रतिमाह प्रशिक्षु नव आरक्षकों की स्वतंत्र रूप से निर्वाचित कमेटी के समक्ष खुलवाई जाती है। शिकायत पेटी में प्राप्त उचित सुझावों पर विचार कर उन्हें अमल में लाया जाता है तथा शिकायतों की जांच उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।
इकाई की वेबसाइट www.ptcindore.org हैं। वेबसाइट पर प्रशिक्षुओं को ऑनलाईन रींडंग मटेरियल उपलब्ध कराया गया है। साथ ही इकाई का फेसबुक पेज PTC Indore by sp उपलब्ध हैं एवं इकाई ट्विटर एकाउंट भी बनाया गया है। साथ ही इकाई का APP "MY PTC INDORE" के नाम से बना है, जिसमें मुख्य रूप से इकाई के बारे में सामान्य जानकारी एवं प्रशिक्षुओं के परीक्षा परिणाम की जानकारी उपलब्ध है। इसी प्रकार इकाई द्वारा मार्गदर्शिका ”गुरूकुल“, मासिक न्यूज लेटर ”नालंदा टाइम्स“ एवं स्मारिका ”नालंदा स्मृति“ का प्रकाशन किया जा रहा हैं।
इसी प्रकार भविष्य में आने वाली चुनौतियों को दृष्टिगत रखते हुए इकाई के प्रशिक्षु नव आरक्षकों को तकनीकी रूप से व्यवसायिक दक्षता में दक्ष किये जाने के अंतर्गत सी.सी.टी.एन.एस., सायबर क्राइम एवं डायल-100 का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षुओं को समाज के कमजोर वर्गो के प्रति संवेदनशीलता तथा महिला/बच्चों के प्रकरणों में अतिसंवेदनशील होकर तत्काल नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही किये जाने हेतु भी रोल प्ले के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर ने प्रशिक्षण कार्यकलापों/गतिविधियों के संचालन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य किये हैं। इकाई परिसर में 02 ‘‘सघन वन’’ जापानी तकनीक के आधार पर स्थापित किये गये है जिसमें विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाये है जो आगामी 3-4 वर्षों में बड़े-बड़े पेड़ों का आकार ले लेंगे। साथ ही प्रतिवर्ष वृहद स्तर से पौधारोपण किया जाता हैं। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किये गये उल्लेखनीय कार्यो को दृष्टिगत रखते हुये इकाई को TERI (The Energy and Resources Institue) New Delhi द्वारा ‘‘ग्रीन हीरोज’’ अवार्ड प्रदान किया गया।
अंत में महाविद्यालय का लक्ष्य ‘‘दक्षता व नैतिकता की सुनिश्चितता’’ को दृष्टिगत रखते हुये पुलिस कर्मियों में प्रशिक्षण के दौरान ही नैतिकता के साथ दक्षता का विकास सुनिश्चित करना ताकि देश के लिये स्वस्थ, संवेदनशील, चरित्रवान, कर्तव्यनिष्ठ और सक्षम पुलिस कर्मी तैयार हो सके।



जय हिन्द जय भारत

 


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