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”पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय इंदौर“


स्वतंत्रता के पूर्व यह ‘‘भील पल्टन’’ का प्रशिक्षण केंद्र था। वर्ष 2012 में इसे ‘‘महाविद्यालय’’ घोषित किया गया।
आरक्षक स्तर पर प्रदेश का यह एकमात्र और देश के कुछ चुनिंदा पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है, जिसमें महिलायें और पुरूष एक साथ और एक समान प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। जून 2013 में इकाई की प्रशिक्षण क्षमता 500 से बढ़कर 1500 हो गयी।
वर्तमान में 71 वाॅं बुनियादी प्रशिक्षण सत्र दिनांक 17.04.17 से संचालित होकर 27.03.17 को पास आउट हुआ है। इस बैच में कुल 1060 प्रशिक्षु प्रशिक्षणरत रहें जिसमें 699 महिला एवं 361 पुरूष प्रशिक्षु शामिल थे । अब तक 70 सत्रों में 22 हजार से अधिक आरक्षक टेªनिंग ले चुके हैं।
इकाई में फायरिंग एवं ड्राइविंग सिम्यूलेटर्स है। देश में पहली बार किसी आरक्षक प्रशिक्षण संस्थान में ड्राइविंग, मोटर मेकेनिज्म, रोड सेफ्टी एण्ड टेª्िफक ड्रिल को कम्प्यूटर एप्लीकेशन नियमित प्रशिक्षण में शामिल किया जाकर परीक्षा ली जाती हैं। स्मार्ट क्लासरूम्स हैं
डिजास्टर मैनेजमेंट माॅक ड्रिल, फस्र्ट एड ड्रिल, जंगल एंड अर्बन टेक्टिक्स का अभ्यास कराया गया है और इसकी भी परीक्षा होती हैं ।
प्रशिक्षण के दौरान व्यावहारिक प्रशिक्षण, विजिट्स, रोल प्ले, मूट कोर्ट और क्वार्टर गार्ड ड्यूटी सिमुलेशन एक्सरसाइजेज कराई जाती है।
बेसिक कोर्स के साथ-साथ विभिन्न इन सर्विस कोर्स भी चलाये गये है, जिनमें जेंडर सेंसीटाइजेशन कार्यशाला, अंतर्राष्ट्रीय संगठन यूनिसेफ के सहयोग से चाइल्ड प्रोटेक्शन विषय पर कार्यशाला, ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन कोर्स, साॅफ्ट स्किल्स एवं वन विभाग टाइगर स्ट्राइकिंग फोर्स के कर्मियों हेतु शस्त्र चालन कोर्स आदि प्रमुख हैं।
इस बैच को सी.सी.टी.एन.एस.,सायबर क्राइम एवं डायल-100 का भी व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदाय किया गया ताकि नव आरक्षकों को व्यवसायिक रूप से दक्ष बनाया जा सके। साथ ही प्रशिक्षुओं को समाज के कमजोर वर्गो के प्रति संवेदनशीलता तथा महिला/बच्चों के प्रकरणों में अतिसंवेदनशील होकर तत्काल नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही किये जाने हेतु भी रोल प्ले के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
नवआरक्षक प्रशिक्षण में वन मिनट ड्रिल के साथ-साथ साइलेंट ड्रिल का प्रदर्शन शामिल किया गया। जंगल टेक्टिक्स के साथ-साथ शहरी टेक्टिक्स को प्रशिक्षण में महत्व प्रदान किया गया। शहरी टेक्टिक्स के अंतर्गत प्रशिक्षुओं को रूम के अंदर छुपे हुये नक्सलवादियों/आंतकवादियों को बाहर निकालने के लिये सतर्कता पूर्वक कार्य करने संबंधी प्रशिक्षण प्रदाय किया गया।
अन्य इकाइयों के लिये प्रशिक्षण- जेल प्रहरी बुनियादी प्रशिक्षण, विधानसभा सुरक्षाकर्मियों का बुनियादी प्रशिक्षण, आबकारी आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण भी संचालित किये जाते है।
पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण ISO 9001%2008 "Quality Management System"  ISO 14001%2004 "Envirnoment Management System" , ISO 5001/2011 "Energy Conservation and Management"प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाला देश का एकमात्र पुलिस प्रशिक्षण संस्थान है।
परिसर में ‘‘सघन वन’’ की स्थापना की गई, जिसमें जापानी तकनीक के आधार पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाये है जो आगामी 3-4 वर्षों में बड़े-बड़े पेड़ों का आकार ले लेंगे वर्ष 2017-18 में लगभग 15,000 पौंधे लगाये गये हैं।
इकाई में जल संरक्षण/संग्रहण हेतु वाॅटर रिचार्ज पिट भी बनाये गये हैं।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किये गये उल्लेखनीय कार्यो को दृष्टिगत रखते हुये इकाई को TERI (The Energy and Resources Institue) Mumbai द्वारा ‘‘ग्रीन हीरोज’’ अवार्ड प्रदान किया गया।
डाक विभाग भारत सरकार द्वारा इकाई का स्पेशल कवर भी जारी किया गया हैं, जो पुलिस विभाग के लिये अत्यंत ही गर्व एवं हर्ष का विषय हैं।
साथ ही पीटीसी, इंदौर को Project FIT-PC (Focused Improvement in Training of Police Constabulary) ,FICCI SMART Policing Awa  2017 भी प्राप्त हुआ है।
बीपीआरएण्डडी, नई दिल्ली द्वारा देश में आरक्षक स्तर के प्रशिक्षण संस्थानों में से सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण संस्थान ‘‘पीटीसी, इंदौर’’ को चुना जाकर दिनांक 16 दिसम्बर 2016 को माननीय केन्द्रीय गृह मंत्री महोदय द्वारा पीटीसी, इंदौर को ट्राफी एवं 20 लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
इंदौर में 13 शासकीय भवनों में से इकाई के 5 भवनों पर सोलर पाॅवर हाउस की स्थापना की गई हैं।
स्टाफ का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण करवाया गया है। स्टाफ व प्रशिक्षुओं को बेसिक लाइफ सपोर्ट (फस्र्ट एड) की हैंड्स आॅन ट्रेनिंग दी गई हैं।
इकाई की वेबसाइट पर प्रशिक्षुओं को आॅनलाईन रींिडंग मटेरियल उपलब्ध कराया गया है।
इकाई का फेसबुक पेज एवं ट्विटर एकाउंट भी बनाया गया है।
साथ ही इकाई का ।च्च् ष्डल् च्ज्ब् प्छक्व्त्म्ष् के नाम से बना है, जिसमें इकाई के बारे में सामान्य जानकारी एवं प्रशिक्षुओं का परीक्षा परिणाम भी उपलब्ध है।
इसी प्रकार इकाई द्वारा मार्गदर्शिका ”गुरूकुल“, मासिक न्यूज लेटर ”नालंदा टाइम्स“ एवं स्मारिका ”नालंदा स्मृति“ का प्रकाशन किया जाता है।
इकाई पूर्व पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा पाठक सोनी को बीपीआरएण्डडी द्वारा बेस्ट टेªनर का मेडल प्रदान किया गया हैं।
इकाई के डीएसपी (आउटडोर) श्री डेनियल जोजफ एवं डीएसपी (लाईन) श्री एच.एस. रघुवंशी को मध्यप्रदेश राज्य का सबसे बड़ा पुरस्कार के.एफ. रूस्तमजी से सम्मानित किये जाने की घोषणा की गई हैं।
पूर्व पुलिस अधीक्षक पीटीसी श्रीमती मनीषा पाठकसोनी को महिला दिवस 2018 को ”नारायणीनामोस्तुते अवार्ड“ म.प्र. राज्य के मुख्यमंत्री माननीय श्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा प्रदान किया गया ।
महाविद्यालय का लक्ष्य ‘‘दक्षता व नैतिकता की सुनिश्चितता’’ को दृष्टिगत रखते हुये पुलिस कर्मियों में प्रशिक्षण के दौरान ही नैतिकता के साथ दक्षता का विकास सुनिश्चित करना ताकि देश के लिये स्वस्थ, संवेदनशील, चरित्रवान, कर्तव्यनिष्ठ और सक्षम पुलिस कर्मी तैयार हो सके।

 

 


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